• शुक्रवार, 03 फ़रवरी, 2023
वैश्विक मंदी, भू-राजनीतिक तनाव, रुपए में निरंतर गिरावट, ऊंची ब्याज दर और मुद्रास्फीति 2023 में भी भारत को करेगी परेशान  
व्यापार हिंदी द्वारा | | Views - 40

2022 का वर्ष कोरोना और यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाने वाला रहा। आशा के अनुरूप शुरु हुआ नया वर्ष 2023 का वर्ष दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने वाला साबित होगा। हालाकि वर्ष की शुरुआत में ही आईएमएफ यानी कि इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने ऐसा अमंगल पूर्वानुमान किया है कि 2023 के दौरान भी यूक्रेन युद्ध, ब्याज की ऊंची दर, कोरोना के बढ़ रहे केस और अन्य आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच वैश्विक अर्थतंत्र का तीसरा भाग मंदी के तहत रहेगा। 

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