• बुधवार, 17 जुलाई, 2024

कांस्य चंद्रक के उस पार : भारत को खेती और अन्यत्र उत्पादकता बढ़ाने की विशेष जरूरत

आगामी जी-20 सम्मेलन के स्थान के तौर पर नए बनाए गए भारत मंडपम नामक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी-कम-सम्मेलन केद्र का 26 जुलाई को उद्घाटन करते समय प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने उनके शासन काल के दौरान भारत में किए गए विकास के बारे में गौरव व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत विश्व के 10वें क्रम की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी जहां से उन्नति करके यह 2023 में 5वें क्रम पर पहुंची है और हमारी सरकार की तीसरी अवधि के दौरान भारत विश्व के 3 बड़ी अर्थव्यवस्था में स्थान प्राप्त करेगी। 

मोदी का टोन ऐसा था कि विकास की दौड़ में भारत को कांस्य चंद्रक मिला है हालांकि स्वर्ण तथा रजत चंद्रक क्रमश: अमेरिका तथा चीन के पास रहने वाला है। खैर अंतरराष्ट्रीय वित्तकोष (आईएमएफ) भी मानता है कि 2027 तक भारत विश्व का तीसरे क्रम की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत ने जी-20 देशों में सबसे अधिक विकासदर हासिल किया है और इस बारे में तो भारत निरंतर दो वर्ष से चीन से भी आगे रहा है। वर्तमान प्रतिकूल अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति को देखते हुए यह सिद्धि प्रसंशनीय कही जाएगी। अब मोदी सरकार को अर्जुन की आंख की तरह सभी ध्यान विकास पर केद्रित करना चाहिए और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण लाना चाहिए।