• शनिवार, 22 जून, 2024

बिजली उद्योग का अंधकार  

बिजली की मांग बिजली की गति से बढ़ रही है। बिजली मंत्री ने हाल ही में कहा कि अगस्त में बिजली की मांग गत वर्ष की तुलना में 8 प्र.. बढ़ी। दैनिक स्तर पर इस वर्ष की मांग गत वर्ष से 40000 से 50000 मेगावाट अधिक है। आर्थिक प्रवृत्तियां गति पकड़ती जा रही है और इस वर्ष गर्मी इतना बढ़ी की बिजली की खपत बढ़ी है, लेकिन उत्पादन के साथ कदम नहीं मिला सकते इसलिए अनेक क्षेत्रों में अधिक बिजली कटौती का भय लटक रहा है। 2023 में 2 सितंबर तक हरियाणा की बिजली कमी गत वर्ष के 43.2 लाख यूनिट से बढ़कर 130 लाख यूनिट हो गयी है। राजस्थान में भी यही स्थिति है अधिक चिंताजनक हालत गुजरात और मध्यप्रदेश में है। वहां गत वर्ष बिजली की कमी जरा भी नहीं थी, जबकि इस वर्ष क्रमश: 159.4 लाख यूनिट और 166 लाख यूनिट की कमी हुई है। कुल मिलाकर देश की बिजली खपत एक सितंबर को 240,000 मेगावाट पर पहुंच जाने से एक समय बिजली की कमी बढ़कर 10,000 मेगावाट के रिकार्ड स्तर पर पहुंची